geetonkebadal-[6]
सोमवार, 10 जनवरी 2011
मनुष्य ने प्रलय को देखा है,झंझावातों को देखा है,उजड़ते आशियानों को देखा है,
टूटते सपनो को देखा है, ...फिर भी कोई सपना आँख में जीवित क्यों रह जाता है....?
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