geetonkebadal-[6]
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010
मेरी आँखों में जो छायीं ,सिर्फ उसी की तस्वीरें हैं ,
शायद कोई संग- तराशी ,हाथ कटा तुमको मिल जाये
1 टिप्पणी:
www.navincchaturvedi.blogspot.com
22 अक्टूबर 2010 को 5:41 am बजे
bahut hi sundar
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bahut hi sundar
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